मध्यप्रदेश में लापरवाही पर एक्शन में शिवराज सरकार, इन पटवारी-सचिव सहित 3 अधिकारियों पर गिरी गाज

भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार कार्रवाई कर रहे है। एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश के बाद शाजापुर कलेक्टर के द्वारा पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। दरअसल पटवारी तारिख खान और ग्राम पंचायत सचिव जफर ने ग्राम पंचायत के संबंध में दिए निर्देशों का पालन नहीं करा है। इसी लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बीते दिनों भी कुछ अधिकारियों द्वारा राशन दुकान में भ्रष्टाचार किया गया था जिन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरे मंच से ही निलंबित कर दिया था। वही फसल सर्वे के कार्य में भी कुछ दिन पहले लापरवाही बरतने वाले पटवारी को निलंबित किया था, लेकिन एक बार फिर शिवराज सरकार एक्शन में नजर आ रही है।

पटवारी-सचिव सहित 3 अधिकारियों पर गिरी गाज

शाजापुर के कलेक्टर दिनेश जैन ने राजस्व सेवा अभियान के तहत शिविरों का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान हाई स्कूल भवन प्रधान का कब्जा होने के बाद भी निर्णय कर भूमि के देने के संबंध में अन्य स्थानों प्रस्ताव को तैयार नहीं किया गया था। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी के हितों का भी सत्यापन करने में पटवारी और सचिव ने लापरवाही की थी। इसी के चलते कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

इन अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश

वहीं राजगढ़ जिले में भी नाबालिक और महिलाओं की शादी 10 वर्ष पहले हो चुकी है उन्हें गलत तरीके से विवाह सहायता योजना देने के मामले में जनपद सीईओ संबंधित शाखा के नोडल अधिकारी सहित संबंधित लिपिक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए है।

शाजापुर के कलेक्टर दिनेश जैन

जानकारी के लिए बता दें कि राजगढ़ के अधीन आने वाले गांव पालखेड़ी सहित अन्य में मामला दर्ज किया गया है। पंचायत सीईओ प्रीति यादव ने मामले का पर्दाफाश किया है। वहीं पंचायत के प्रभारी आशीष गुप्ता और स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी महेंद्र सौराष्ट्र को दो सदस्यों की जांच टीम निर्मित की थी। इस मामले में शाखा के नोडल अधिकारी सहित लिपिक दोषी पाए गए थे इसको लेकर कलेक्टर के पास निलंबन आदेश भेज दिया गया है इसमें अधिकारियों ने 51-51 हजार रुपए के भुगतान को गलत करार दिया है।