उज्जैन इंदौर के रेलवे यात्रियों की बल्ले बल्ले, मार्च 2023 तक बन जायेगा नया रेलवे ट्रेक, सरपट दौड़ेगी, ट्रेन घटेगी दूरी-बचेगा समय

मध्य प्रदेश के रेलवे यात्रियों के लिए एक बहुत ही अच्छी खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। दरअसल उज्जैन इंदौर रेल मार्ग में एक और रेलवे ट्रैक बनाया जा रहा है। हालांकि अभी इस रेल लाइन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उज्जैन देवास इंदौर रेल मार्ग पर दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसे 1 साल में पूरा कर दिया जाएगा। बता दें कि इसके लिए 200 करोड़ रूपए की मंजूरी मिल चुकी है। वहीं तेजी से इसका काम किया जा रहा है। इसके साथ ही देवास के पास बिन जाना तक का काम पूरा हो चुका है।

1 साल में पूरा हो जायेगा दोहरीकरण का काम

दरअसल उज्जैन इंदौर रेल मार्ग में दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसका काम 1 साल में पूरा हो जाएगा। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो मार्च 2020 तक इसका काम पूरा हो जाएगा। बता दे कि यहां पर इलेक्ट्रिफिकेशन सिग्नल और और यार्ड रिमॉडलिंग का काम किया जाएगा। इसके बाद बिंजाना से इंदौर के लक्ष्मी बाई नगर तक का काम किया जाना है। रेल मंत्रालय ने 2016-17 में इंदौर उज्जैन मार्ग के दोहरीकरण की घोषणा की थी। जिसका काम अब तेजी से किया जा रहा है।

200 करोड़ की लागत से हो रहा काम

बता दें कि इंदौर उज्जैन मार्ग के दोहरीकरण के लिए वार्षिक बजट में 650 करोड रुपए की लागत की बात कही गई थी। इसमें इलेक्ट्रिक बिल पावर विभाग पीआरडी विभाग सिविल वर्क तथा अन्य विभागों के खर्च भी शामिल किए गए थे। वहीं 2017-18 में ही काम की शुरुआत हो गई थी। उज्जैन से कड़छा के बीच 15 किलोमीटर का काम दिसंबर 2020 में खत्म हो गया था। कड़छा से भिंड जाना तक का काम फरवरी में 200 करोड रुपए में कराने के लिए मिले थे। दिसंबर 2020 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं रेलवे सेफ्टी कमिश्नर से इसका निरीक्षण भी कराया जाएगा।

2023 तक काम को पूरा करने का लक्ष्य

जानकारी मिली है कि इस रेल लाइन के दोहरीकरण का काम मार्च 2023 तक पूरा कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों द्वारा दावा किया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परियोजना का काम तेज गति से हो रहा है ।उज्जैन के समीप सरस्वती वास के आगे बिंजाना स्टेशन तक का काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। दिसंबर 2020 तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा ।