शिवराज कैबिनेट की बैठक संपन्न, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर, गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दी ये जानकारी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई प्रस्तावों को मुहर लगी तो कई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है। वहीं राजधानी परियोजना इतिहास बन गई है इसे पीडब्ल्यू विभाग में जोड़ दिया है। इसके साथ ही नवीनीकरण ऊर्जा और नवीन ऊर्जा के लिए ओंमकारेश्वर पार्क क्षेत्र मेगापाट छतरपुर 950 मेगावाट सौर ऊर्जा पार्क को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 2022 में और 9 मार्च को विधानसभा में पेश होने वाले बजट से पहले इस बैठक में कई योजनाओं को मंजूरी मिली है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जन सहभागिता सेवन समितियां बनेगी। साथ इसमें वन समिति का गठन ग्राम सभा में करने और वन समिति के गठन में वन विभाग का हस्तक्षेप नहीं होने की बात कही गई है। वहीं भोपाल गैस त्रासदी को 5 वर्ष के लिए 1363 पदों पर सहमति दी है। इसके साथ ही ग्वालियर की परिवहन विभाग के डिपो जमीन को 65 करोड़ 11 लाख में कामतानाथ कंट्रक्शन को देने की बात कही गई है।

वहीं उज्जैन जिले के तराना में 17 करोड़ 70 लाख डेवलपर्स को देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही रतलाम जिले में सद्गुरु इंटरनेट कंपनी को दो करोड़ 32 लाख कंपनी को देने का फैसला लिया गया है।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस कैबिनेट बैठक मैं पीडब्ल्यूडी और वन विभाग का काम बांटने पर वन विभाग और वन मंडल के सभी काम को संभालेगा। पेसा एक्ट में बंद समितियों को अधिकार मिलेगा मध्यप्रदेश पंचायत राज्य ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2022 कृषि गैर कृषि उपयोग के लिए जल दरोगा पुण: निर्धारण किया जाएगा। वहीं उज्जैन और ग्वालियर बस डिपो की परियोजना को नीलाम करने का प्रस्ताव प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी कर्मचारी मूल विभाग में भेजेंगे।