शिवराज सरकार ने लिया बड़ा फैसला, श्रम विभाग ने कलेक्टरों को दिए ये निर्देश, इन लोगों को मिलेगा फायदा

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को लाभ देने के लिए योजना बना ली है जिसके तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश के बाद श्रम विभाग ने प्रदेश भर के सभी कलेक्टरों को आदेश जारी करते हुए उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया है। बता दें कि इस समय दूसरे प्रदेश से या फिर जिले से लौटकर आ रहे प्रवासी श्रमिकों का अब सत्यापन तथा पंजीयन की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करने की बात कही गई है। इस योजना के तहत अब 1 जनवरी से प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन शुरू हो गया है।

इन लोगों को इस योजना में किया शामिल

श्रम विभाग ने सभी कलेक्टरों को आदेश जारी करते हुए अप्रैल 2021 के बाद मध्यप्रदेश लौटे प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन कराने को लेकर आदेश जारी किए गए है। श्रम विभाग के द्वारा सभी कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिया गया जिसमें ग्रामीणों में ग्राम पंचायत के सचिव और रोजगार सहायकों द्वारा यह काम कराया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में इस काम को नगर के पार्षदों के द्वारा किया जाएगा।

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बता दें कि इसमें मध्यप्रदेश के मूल निवासी को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे मूलनिवासी सभी शामिल है जो प्रवासी श्रमिक है जो दूसरे जिलों या दूसरे प्रदेश में रहकर काम कर रहे हैं। इसमें प्रवासी श्रमिकों में निर्माण श्रमिकों की तैयारी असंगठित श्रमिकों की 40 तथा कारखाना में नियोजित श्रमिकों की 9 श्रेणिया शामिल है इसकी जानकारी पोर्टल के माध्यम से मिल जाएगी।

श्रम विभाग ने कलेक्टर को दिए निर्देश

बता दें कि प्रभावी श्रमिकों के सर्वे कराने को लेकर श्रम विभाग ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित कर दिया गया है जिसमें वहां सर्वे कराकर प्रवासी मजदूरों को मनरेगा रोजगार उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति गठित होगी। जिसकी नियमित समीक्षा भी कलेक्टर के द्वारा की जाएगी इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव और नगरी क्षेत्रों में पार्षद के द्वारा यह काम किया जाएगा।